प्रेगनेंसी में ब्रेस्ट साइज कब बढ़ता है?HealthPlanet

Posted on Tue 7th Feb 2023 : 09:39

गर्भावस्‍था में ब्रेस्‍ट में आते हैं ये बदलाव, इस तरह करें देखभाल

गर्भावस्‍था में हार्मोंस के कारण शरीर में कई तरह के बदलाव देखे जाते हैं जिनमें से एक ब्रेस्‍ट में बदलाव आना भी शामिल है। प्रेग्‍नेंसी के दौरान ब्रेस्‍ट की खास देखभाल करना जरूरी होता है।

प्रेग्‍नेंसी में महिलाओं की ब्रेस्‍ट में बदलाव आना सामान्‍य बात है और हो सकता है कि ये बदलाव डिलीवरी तक रहें। हार्मोनल बदलाव, रक्‍त प्रवाह के बढ़ने और कोलोस्‍ट्रम के उत्‍पादन की वजह से ब्रेस्‍ट में दर्द और असहजता महसूस हो सकती है।

अगर आप गर्भावस्‍था में ब्रेस्‍ट की ठीक तरह से देखभाल करें तो प्रेग्‍नेंसी के दौरान ब्रेस्‍ट में होने वाले दर्द और असहजता को कम किया जा सकता है। यहां हम आपको प्रेग्‍नेंसी में ब्रेस्‍ट की देखभाल करने के कुछ टिप्‍स बता रहे हैं।

​गर्भावस्‍था में ब्रेस्‍ट में आने वाले बदलाव
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गर्भावस्‍था के दौरान स्‍तनों में आने वाले बदलाव कुछ इस प्रकार हैं :

प्रेग्‍नेंसी में आपके स्‍तनों का आकार बढ़ जाता है और इनमें छूने पर दर्द और सूजन महसूस होती है।
हार्मोनल बदलाव के कारण निप्‍पल और एरोला का रंग गहरा हो जाता है। एरोला निप्‍पल के आसपास का हिस्‍सा होता है।
ब्रेस्‍ट से कोलोस्‍ट्रम निकल सकता है। ये पीले रंग का गाढ़ा पदार्थ होता है।
ब्रेस्‍ट के आसपास की नसों का रंग गहरा हो सकता है और स्‍तनों में रक्‍त प्रवाह बढ़ने के कारण ये साफ दिखाई दे सकती हैं।
गर्भावस्‍था के दौरान निप्‍पलों और एरोला का आकार बड़ा हो जाता है।


​ब्रेस्‍ट मसाज

ब्रेस्‍ट की ब्‍लॉक वाहिकाओं, स्‍ट्रेच मार्क्‍स और निप्‍पलों में आई दरार को ठीक करने के लिए स्‍तनों की मालिश करें। मॉइस्‍चराइजर या जैतून के तेल से निप्‍पलों के आसपास की सर्कुलर मोशन में मालिश करें। कम से कम पांच मिनट तक मालिश करें। इससे डिलीवरी के बाद स्‍तनों में दूध ज्‍यादा बनेगा, स्‍तन मुलायम रहेंगे और दूध का प्रवाह बढ़ेगा।


​एक्टिव रहें

रोज हल्‍के व्‍यायाम करें और संतुलित आहार लें। हाथों की स्‍ट्रेचिंग से स्‍तनों की मांसपेशियों को मजबूती मिलती है और ब्रेस्‍ट में दर्द कम हो सकता है। ज्‍यादा फिजीकल एक्टिविटी करने से बचें।


​सही ब्रा चुनें

प्रेग्‍नेंसी में आपको आरामदायक मेटरनिटी ब्रा पहननी चाहिए। इससे ब्रेस्‍ट की मांसपेशियां टोन और मजबूत रहती हैं और ढीली नहीं पड़ती हैं। ज्‍यादा टाइट या गलत फिटिंग वाली ब्रा न पहनें।


​साफ-सफाई का ध्‍यान रखें

निप्‍पल से कुछ मात्रा में कोलोस्‍ट्रम लीक हो सकता है। इसे सोखने के लिए सूती कपड़े का इस्‍तेमाल करें। गुनगुने पानी में साफ सूती कपड़ा भिगोकर ब्रेस्‍ट को साफ करें। ब्रेस्‍ट पर साबुन या एल्‍कोहल से बने क्‍लीनिंग एजेंट का इस्‍तेमाल न करें। इससे स्‍तनों में रूखापन और दर्द हो सकता है।


​इन बातों का रखें ध्‍यान

प्रेग्‍नेंसी में स्‍तनों से जुड़ी किसी भी तरह की असहजता से बचने के लिए यहां बताई गई बातों का ध्‍यान रखें :

रोज साफ और गुनगुने पानी से ब्रेस्‍ट को साफ करें।
ब्रेस्‍ट को रोज चेक करें कि कहीं उसमें कोई बदलाव तो नहीं दिख रहा।
स्‍तनों को गीला न रखें क्‍योंकि इसकी वजह से निप्‍पलों में क्रैक आ सकता है।
संतुलित आहार से वजन को ठीक बनाए रखें।
धूम्रपान और शराब के सेवन से बचें।


ब्रेस्‍ट की अच्‍छी तरह से देखभाल करें

हर महिला में प्रेग्‍नेंसी के दौरान ब्रेस्‍ट में एक जैसे बदलाव नहीं आते हैं। कुछ महिलाओं को स्‍तनों के ढीले पड़ने या लीक होने की परेशानी होती है तो कुछ महिलाओं को कम से कम बदलाव नजर आ सकते हैं।

बेहतर होगा कि आप गर्भावस्‍था में अपनी ब्रेस्‍ट की अच्‍छी तरह से देखभाल करें और कोई भी असामान्‍य बदलाव दिखने पर डॉक्‍टर को जरूर दिखाएं।

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